तुम नशे में, तुम नशीले ..
तुम कोलाहल .. धीमे धीमे
तुम मुरझाए, खिले खिले से
तुम निर्भीक .. डरे डरे से
तुम सूनेपन की हर चीख
गलत करो तो करते ठीक
तुम तिरछे, तुम ही हो सीधे
तुम तुम हो .. तुम मैं भी थोड़े
तुम नशे में, तुम नशीले ..
बारिश की सुबह का हल्का खुमार